अन्नपूर्णा सेवा क्षेत्र: नर सेवा ही नारायण सेवा

वानप्रस्थ धाम, वृन्दावन में संतों, साधकों और भक्तों के लिए नित्य महाप्रसाद सेवा। अन्नदान महादान है, अपने हाथों से पुण्य अर्जित करें।

॥ अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः ॥

“सम्पूर्ण प्राणी अन्न से उत्पन्न होते हैं, अन्न की उत्पत्ति वृष्टि (वर्षा) से होती है, वृष्टि यज्ञ से होती है और यज्ञ विहित कर्मों से उत्पन्न होता है।” — श्रीमद्भगवद्गीता

अन्नदान की महिमा

अन्नदान को वेदों में सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है। वानप्रस्थ धाम में हम पूर्ण पवित्रता और भक्ति भाव से तैयार किया गया सात्विक भोजन संतों और भक्तों को परोसते हैं।

शुद्ध सात्विक भोजन

बिना प्याज और लहसुन के, पूर्ण शुद्धता और पवित्रता के साथ ठाकुर जी के लिए तैयार किया गया भोग।

संत सेवा

वृन्दावन के साधु-संतों, ब्रजवासियों और तीर्थयात्रियों की निरंतर सेवा का सौभाग्य।

आध्यात्मिक लाभ

शास्त्रों के अनुसार अन्नदान से प्राप्त होने वाला अक्षय पुण्य, जो हमारे पितरों को भी तृप्त करता है।

सेवा परमो धर्मः

सेवा संकल्प तालिका

अपनी सामर्थ्य अनुसार सेवा चुनें और पुण्य के भागी बनें

एक समय भोजन सेवा

₹2,100 / 21 संत

दैनिक अन्न सेवा

₹5,100 / 51 संत

साधु भंडारा

₹11,000 / 101 संत

प्रतिदिन भोजन सेवा
0 +
वर्षों की सेवा
0 +
पारदर्शिता
0 %
टैक्स लाभ उपलब्ध
0 G
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